शुक्रवार, 27 सितंबर 2024

ये जिंदगी ( कविता)

                     **ये जिंदगी**

ये जिंदगी है एक सफर,  
रास्ते अजनबी, मंज़िलें बेखबर।  
हर मोड़ पर नए सवाल खड़े,  
हर पल में हैं सपनों के धागे जुड़े।

कभी हंसी की रौशनी में नहाई,  
कभी ग़म की छाया में खोई हुई।  
कभी उम्मीद की चिंगारी सी जली,  
कभी निराशा की लहरों में डूबी।

हर दिन एक नई कहानी लिखे,  
हर रात कुछ नए सपने बुनें।  
कभी हार, तो कभी जीत का गीत,  
ये जिंदगी बस चलने का रीत।

दिल में हौसला, आँखों में चमक,  
आगे बढ़ने की है ये दमक।  
समय की क़लम से लिखते रहो,  
ये जिंदगी है, इसे जीते रहो।

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