रविवार, 26 अक्टूबर 2025

*“आज की समस्याएँ”*

*“आज की समस्याएँ”* 

जहाँ देखो वहाँ भीड़ का मेला,
पर दिलों में सूना सन्नाटा फैला।
तकनीक बढ़ी, पर सोच घट गई,
इंसानियत फिर कहीं खो गई।

पैसे की खातिर रिश्ते बिकते,
सत्य के स्वर अब कम ही दिखते।
नेता वादों की चादर ओढ़े,
जनता सपनों में आँसू जोड़ें।

शिक्षा बनी है बस अंकों का खेल,
संस्कारों की कमी से मन है बेलगाम रेल।
ज्ञान का सागर उथला लगता,
जब नैतिकता का दीपक बुझता।

पर्यावरण रोता, नदियाँ गंदली,
पेड़ों की जगह अब इमारतें पक्की।
हवा में ज़हर, जल में जहरापन,
धरती माँ माँगे फिर अपनापन।

युवाओं में जोश, पर राह नहीं,
भविष्य का नक्शा साफ़ कहीं।
बेरोज़गारी की आँधी चलती,
उम्मीदें फिर भी मन में पलती।

महिलाओं की सुरक्षा सवाल बनी,
न्याय की डगर अब मुश्किल घनी।
भेदभाव की दीवारें ऊँची हैं,
पर आवाज़ें उठने लगीं सच्ची हैं।

मीडिया का सच अब बिकने लगा,
झूठ का चेहरा सजने लगा।
धर्म और जाति के नाम पे झगड़े,
इंसानियत के रिश्ते अब टूटे।

फिर भी एक किरण अब बाकी है,
हर दिल में अच्छाई की झाँकी है।
अगर बदलें सोच, जगाएँ भरोसा,
तो उजले कल का होगा सौदा।
 *कवि व कहानीकार - काशी कुमार "निराला"*

मंगलवार, 17 जून 2025

मैं और मेरे शिक्षक (लेख) Me and My Teacher (Article)

                             **मैं और मेरे शिक्षक**

मेरे शिक्षक मेरे जीवन के महत्वपूर्ण मार्गदर्शक हैं। वे न केवल पाठ्यक्रम के ज्ञान को साझा करते हैं, बल्कि वे जीवन के कई महत्वपूर्ण सबक भी सिखाते हैं। मेरे शिक्षक की भूमिका मेरे विकास में अत्यधिक महत्वपूर्ण रही है, और मैं उनके प्रति गहरी कृतज्ञता महसूस करता हूँ।

मेरे शिक्षक ने हमेशा मुझे प्रेरित किया है और मेरी क्षमताओं पर विश्वास रखा है। जब मैंने कठिनाइयों का सामना किया या आत्म-संशय में था, तब उनके शब्द और मार्गदर्शन ने मुझे प्रेरित किया और आत्म-विश्वास दिया। उनकी शिक्षाएँ केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं; वे जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी गहराई से ध्यान देते हैं।
शिक्षक का स्वभाव सिखाने के साथ-साथ सिखाने का तरीका भी महत्वपूर्ण होता है। मेरे शिक्षक ने न केवल ज्ञान प्रदान किया, बल्कि उन्होंने यह भी सिखाया कि कैसे सवाल पूछना चाहिए, आलोचनात्मक सोच विकसित करनी चाहिए, और समस्याओं को हल करने के नए तरीके अपनाने चाहिए। उनकी कक्षाएँ हमेशा प्रेरणादायक होती हैं और मेरे ज्ञान की प्यास को बुझाती हैं।

मेरे शिक्षक ने न केवल अकादमिक मुद्दों पर ध्यान दिया, बल्कि व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने मुझे सिखाया कि कैसे खुद को और दूसरों को सम्मान देना चाहिए, कैसे ईमानदारी और मेहनत से काम करना चाहिए, और कैसे जीवन की चुनौतियों का सामना धैर्य और साहस से करना चाहिए।
मैं उनके साथ बिताए गए समय की सराहना करता हूँ और उनकी सलाह और मार्गदर्शन का हमेशा पालन करता हूँ। उनके बिना, मैं आज जो कुछ भी हूँ, वह संभव नहीं होता। उनके आशीर्वाद और समर्थन ने मेरे जीवन को दिशा दी है और मेरी आकांक्षाओं को साकार करने में मदद की है।

इस प्रकार, मेरे शिक्षक केवल शैक्षणिक ज्ञान के प्रदाता नहीं हैं, बल्कि वे मेरे जीवन के आदर्श, मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत भी हैं। उनकी शिक्षा और मूल्य मेरे जीवन में हमेशा मार्गदर्शक रहे हैं और मैं उनके प्रति हमेशा कृतज्ञ रहूँगा।